Warning: include(/home/ekhaliya/public_html/whtsappjokes/wp-content/plugins/constant-contact-forms/vendor/composer/../webdevstudios/wds-shortcodes/vendor/tgmpa/tgm-plugin-activation/class-tgm-plugin-activation.php): failed to open stream: No such file or directory in /home/ekhaliya/public_html/whtsappjokes/wp-content/plugins/mojo-marketplace-wp-plugin/vendor/composer/ClassLoader.php on line 444

Warning: include(): Failed opening '/home/ekhaliya/public_html/whtsappjokes/wp-content/plugins/constant-contact-forms/vendor/composer/../webdevstudios/wds-shortcodes/vendor/tgmpa/tgm-plugin-activation/class-tgm-plugin-activation.php' for inclusion (include_path='.:/usr/local/php56/pear') in /home/ekhaliya/public_html/whtsappjokes/wp-content/plugins/mojo-marketplace-wp-plugin/vendor/composer/ClassLoader.php on line 444
डाटा चोरी मामले में भारत ने फेसबुक को 'सिर्फ' चेतावनी दी - Whatsapp Jokes

डाटा चोरी मामले में भारत ने फेसबुक को ‘सिर्फ’ चेतावनी दी

भारत के सूचना एवं प्रसारण मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर कैम्ब्रिज एनालिटिका की मदद लेने का आरोप लगाया है. भारत सरकार ने फेसबुक को कड़ी चेतावनी भी दी है.

लोकतंत्र और फेसबुक यूजर्स की संख्या के लिहाज से भारत सबसे बड़ा देश है. भारत में 25 करोड़ फेसबुक यूजर्स हैं. फेसबुक पर आरोप लग रहे हैं कि उसने पांच करोड़ लोगों का डाटा लीक किया. इस डाटा का इस्तेमाल अमेरिकी चुनावों और ब्रेक्जिट के दौरान किया गया. आरोपों के मुताबिक 2016 के राष्ट्रपति चुनावों से पहले अमेरिका में लाखों फेसबुक यूजर्स को ट्रंप का महिमामंडन करने वाली पोस्ट ही दिखाई जा रहीं थीं. ऐसा ही कुछ ब्रेक्जिट के दौरान भी हुआ. ब्रेक्जिट का समर्थन करने वालों को फेसबुक के लीक हुए डाटा से मदद मिली. अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय संघ में अब फेसबुक के खिलाफ जांच शुरू हो चुकी है.

असल में इन आरोपों की तह में फेसबुक और कैम्ब्रिज एनालिटिका नाम की कंपनी है. कैम्ब्रिज एनालिटिका पर आरोप है कि उसने एक क्विज ऐप की मदद से फेसबुक यूजर्स का डाटा हासिल किया. ऐप का इस्तेमाल करने वाले लोगों के फेसबुक मित्रों तक भी कैम्ब्रिज एनालिटिका पहुंच गई. फ्रेंड लिस्ट में शामिल इन यूजर्स से पूछे बिना कैम्ब्रिज एनालिटिका ने उनका फेसबुक डाटा हासिल किया. इस तरह कुल पांच करोड़ लोगों के डाटा में सेंध मारी गई.

भारत की कुछ राजनीतिक पार्टियों पर भी कैम्ब्रिज एनालिटिका की मदद लेने के आरोप लग रहे हैं. बीजेपी और कांग्रेस एक दूसरे को दोषी करार दे रहे हैं.

फेसबुक ने हटाये हजारों फर्जी अकाउंट

राजनीतिक बयानबाजी के बीच भारत सरकार ने फेसबुक और उसके संस्थापक मार्क जकरबर्ग को चेतावनी दी है. बुधवार को भारत के सूचना और प्रसारण मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, “मिस्टर मार्क जकरबर्ग, बेहतर होगा कि आप ये ध्यान रखें कि भारत का आईटी मंत्री नजर बनाए हुए है. फेसबुक सिस्टम के साथ साठ गांठ कर अगर भारतीयों का कोई भी डाटा चुराया गया, तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.” चेतावनी भरे अंदाज में प्रसाद ने कहा, “आईटी एक्ट के तहत हमारे पास सख्त ताकत है. हम इसका इस्तेमाल करेंगे, आपको भारत में समन किया जाएगा.”

प्रसाद ने मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस पर कैम्ब्रिज एनालिटिका की सेवाएं लेने का आरोप भी लगाया. हालांकि आरोप लगाते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रसाद ने यह नहीं बताया कि वह किस आधार पर ऐसे आरोप लगा रहे हैं. यह भी नहीं बताया गया कि इन आरोपों के बाद कैसी कड़ी कार्रवाई होगी. कांग्रेस ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि कैम्ब्रिज एनालिटिका की मदद बीजेपी और उसकी सहयोगी पार्टी जेडीयू ने ली है. कांग्रेस ने भारत के चुनाव आयोग से इस मामले की जांच कराने की मांग की है.

फेक न्यूज जिन्हें भारत ने सच समझ लिया

भारत में पिछले कुछ सालों से फर्जी खबरों की बाढ़ सी आई हुई है. फेसबुक से लेकर व्हट्सऐप तक ऐसी फर्जी खबरें आए दिन दिखाई पड़ती हैं. दुनिया के कई देशों में फेक न्यूज से निपटने के लिए सख्त कदम उठाए जा चुके हैं, लेकिन भारत सरकार अब भी मोर्चे पर बेहद सुस्त दिखती है. बीजेपी पर फेक न्यूज का सहारा लेने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, “बीजेपी की फेक न्यूज फैक्ट्री ने आज एक और प्रोडक्ट बनाया है. ऐसा लगता है जैसे फर्जी बयान, फर्जी प्रेस कॉन्फ्रेंस और फर्जी एजेंडा बीजेपी और “कानूनहीन” कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद के हर दिन के चरित्र का हिस्सा बन चुके हैं.”

व्हट्सऐप के फॉरवर्ड आखिर लिखता कौन है?

हालांकि फेक न्यूज का सहारा बीजेपी समर्थक दक्षिणपंथी संगठन और कांग्रेस व लेफ्ट समर्थक धड़ा भी खूब ले रहा है. सत्यता को बिना परखे बेवसाइटों पर कुछ भी छाप दिया जा रहा है. फेसबुक के सहारे ऐसी सूचनाएं वायरल हो रही हैं. कई यूजर्स इन्हें सही मान लेते हैं और गलत धारणाएं बनाने लगते हैं.

यह पहला मौका है जब डाटा सुरक्षा को लेकर फेसबुक पर इतने गंभीर आरोप लगे हैं. फेसबुक ने खुद को बेकसूर बताते हुए सारी जिम्मेदारी कैम्ब्रिज एनालिटिका और क्विज ऐप पर डाली है. अमेरिका के फेडरल ट्रेड कमीशन ने मामले की जांच शुरू कर दी है. अगर फेसबुक दोषी पाया गया, तो उस पर अरबों डॉलर का जुर्माना लग सकता है. यूजर्स का भरोसा खोने का डर तो है ही.